April Fools Day in Hindi

1 अप्रैल को दुनियाभर में अप्रैल फूल्स डे के तौर पर मनाया जाता है,

जिसे ऑल फूल्स डे भी कहा जाता है|

इस दिन लोग एक दूसरे के साथ शरारत करते हैं,

मजाक उड़ाते हैं और इस दिन का भरपूर मनोरंजन लेते हैं|

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस परंपरा की शुरुआत कहां से हुई?

To aaye jante hai iske bare main

‘केंटरबरी टेल्स’ namki ki kitab main april fool ka varnan kiya gaya hai jise 1508 main publish kiya gaya tha

इसमें लिखा है 13mi सदी में इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी ऐनी की सगाई की तारीख ३२ मार्च को तयकर उसकी घोषणा कर दी गई

जिसे लोगो ने सच भी मान लिया|

तब से ३२ मार्च यानि 1अप्रैल को अप्रैल फूल के दिन के रूप में मनाया जाता है|

कहा जाता है की रोमन लोग अपने नए साल की शुरुआत अप्रैल से करते थे जबकि मध्यकालीन यूरोप में तो २५ अप्रैल को नए साल की ख़ुशी में उत्सव तक मनाया जाता था|

कुछ इतिहासकारों का तो यह भी मानना है कि अप्रैल फूल की प्रथा फ्रांस में शुरू हुई थी,

हालांकि कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता है।

1582 में पोप ग्रेगरी अष्ठम ने ग्रेगेरियन कैलेंडर की घोषणा की और 1 जनवरी को नए साल के रूप में चिह्नित किया गया।

जो लोग नए कैलेंडर का पालन नहीं करते थे, और 1 अप्रैल के माध्यम से मार्च के अंतिम सप्ताह में नए साल का जश्न मनाते थे,

वे  log चुटकुले और मज़ाक का पात्र बनते थे, जो परंपरा आज भी जारी है|

कईं इतिहासकारों ने तो अप्रैल फूल दिवस को हिलेरिया जैसे त्योहारों से भी जोड़ा है, जो कि मार्च के अंत में प्राचीन रोम में मनाया जाता था और इसमें लोगों भेस बदल कर एक दूसरे की नक़ल करते हैं

अप्रैल फूल दिवस मनाने का विचार दुनिया भर में एक समान है, लेकिन एक देश से दूसरे तक इसे मनाने में भिन्नताएं हैं।

Jaise ki, फ्रांस में लोगों की पीठ पर मछली के चित्र (आमतौर पर बच्चों के लिए एक गतिविधि) लगाकर मनाया जाता है,

जबकि इग्लैंड और कनाडा में में लोग केवल दोपहर तक ही शरारत करते हैं।

भारत में बच्चे अपने दोस्तों को उल्लू बनाना  पसंद करते हैं और अपनी शरारतों का खुलासा “अप्रैल फूल” चिल्ला कर करते हैं|

April ful se jude huye Kuch bade pranks

सन 1976 में, बीबीसी ने घोषणा कर दी उस दिन पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण एक निश्चित स्तर से कम हो जाएगा और जो कोई भी हवा में उछलेगा वह हल्के से हवा में तैरने लगेगा! जिन लोगों ने तारीख पर ध्यान नहीं दिया, वे शायद यह महसूस करने के लिए कूद पड़े|

जीमेल पहली बार 1 अप्रैल 2004 को लॉन्च किया गया था। इसकी सेवाओं को अप्रैल फूल दिवस के रूप में व्यापक रूप से माना गया था।

2002 में, नासा ने अप्रैल फूल डे पर चंद्रमा की एक तस्वीर पोस्ट की, जिससे नासा ने साबित किया कि चन्द्रमा पनीर से बना था और यहां तक ​​कि उसकी एक समाप्ति तिथि भी शामिल थी।